आपातकालीन प्रतिक्रिया
दुर्घटना के तुरंत बाद, अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज़ (AFES), सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), और भारतीय सेना सहित कई आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंची। सात फायर इंजन और कई एंबुलेंसों ने बचाव कार्य शुरू किया। सभी रास्तों को बंद कर दिया गया और अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं सक्रिय की गईं। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्यों में मदद की, जबकि कुछ असंवेदनशील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें लोग पीड़ितों के शवों की वीडियो बना रहे थे, जिसे व्यापक आलोचना मिली।
प्रभावित क्षेत्र और स्थिति
बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास और सुपर स्पेशियलिटी रेजिडेंट डॉक्टर्स क्वार्टर भवन में विमान के मलबे के कारण भारी तबाही हुई। विमान के कुछ हिस्से इमारत की छत पर गिरे, जिससे और भी नुकसान हुआ। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दुर्घटना के घंटों बाद भी धुंआ और मलबा फैला हुआ था, जिससे क्षेत्र में घबराहट और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।
मृतकों और घायलों की संख्या
इस दुर्घटना में कुल 269 लोगों की मौत हुई, जिनमें 241 विमान में सवार लोग और 28 लोग ज़मीन पर थे। विमान में सवार 230 यात्रियों और 12 क्रू सदस्यों में से एक ब्रिटिश नागरिक, विश्वाश कुमार रमेश, एकमात्र जीवित बचे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने आपातकालीन खिड़की से कूदकर जान बचाई
दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है, और अधिकारियों ने डीएनए परीक्षणों के माध्यम से मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की है। टाटा समूह और एयर इंडिया ने पीड़ितों के परिवारों को सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।








